A Happy Kid or A Mature ?

Wishing All of You a Happy Children’s Day!!And this poem for all the kids-cum-adults I am familiar with in my life – 


एक शरारती बच्चा है 

ढूंढता है यादों में अपने खिलौने 

एक समझदार आदमी है 

सुनाता है अंग्रेजी में अपने एक्सपीरियंस 

एक शरारती बच्चा है

जवाब हैं उसके पास सारे सवालों के 

एक समझदार आदमी है 

खोजता है हल समझ से परे मसलों के 

एक शरारती बच्चा है

आंखों में चमक लिए, टीशर्ट की काॅलर खड़ा किए

एक समझदार आदमी है 

करता है सीधी सूट की सलवटें, हाथों में छाले लिए 

वो शरारती बच्चा

बातें सुनता है मेरी शांति से 

वो समझदार आदमी

शांत बैठा है मेरे सामने, सुनता नहीं।

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6 thoughts on “A Happy Kid or A Mature ?

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